राजनीतिक सीमाएं टूटीं, हजारों ने दी रामगोविंद चौधरी को अंतिम विदाई
रामगोविंद चौधरी की अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब, नम आंखों से दी अंतिम विदाई
जाम में थमे पहिए तो पैदल ही गोसाईंपुर पहुंचे लोग, पक्ष-विपक्ष के नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
सिकंदरपुर (बलिया)। जिस नेता ने जीवनभर जनता के बीच रहकर उनके सुख-दुख में साथ निभाया, उसकी अंतिम विदाई में रविवार को समूचा क्षेत्र उमड़ पड़ा। समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता एवं पूर्व मंत्री स्वर्गीय रामगोविंद चौधरी को अंतिम विदाई देने के लिए उनके पैतृक गांव गोसाईंपुर में हजारों लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। गांव की गलियों से लेकर मुख्य मार्ग तक हर तरफ लोगों की भीड़ दिखाई दी। किसी की आंखों में आंसू थे तो किसी के चेहरे पर अपने प्रिय नेता को खोने का दर्द साफ नजर आया।
रामगोविंद चौधरी ने 25 सितंबर, शुक्रवार की शाम करीब चार बजे लखनऊ स्थित पीजीआई में अंतिम सांस ली थी। निधन की खबर से पूर्वांचल के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। शनिवार की देर रात उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव गोसाईंपुर पहुंचा। रविवार की सुबह होते-होते अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ बढ़ती गई और देखते ही देखते यह जनसैलाब में बदल गई।
जाम में थमे पहिए, तो पैदल बढ़े कदम
अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़ के कारण गोसाईंपुर जाने वाले मुख्य मार्गों पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। कई स्थानों पर जाम की स्थिति बन गई। वाहनों के पहिए थमने के बावजूद लोगों के कदम नहीं रुके। बड़ी संख्या में लोग अपने वाहन रास्ते में छोड़कर पैदल ही अपने नेता के अंतिम दर्शन के लिए गोसाईंपुर पहुंचे। गांव में ऐसा दृश्य था कि हर रास्ता गोसाईंपुर की ओर जाता नजर आ रहा था।
राजनीति से ऊपर उठकर पहुंचे नेता
रामगोविंद चौधरी के अंतिम दर्शन के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और जनप्रतिनिधियों का पहुंचना भी चर्चा का विषय रहा। राजनीतिक मतभेदों को पीछे छोड़ पक्ष-विपक्ष के नेताओं और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। अंतिम विदाई के दौरान दलगत सीमाओं से परे आत्मीयता का माहौल दिखाई दिया।
सरयू तट पर दी अंतिम विदाई
अंतिम दर्शन के बाद जब पार्थिव शरीर अंतिम यात्रा के लिए निकला तो माहौल गमगीन हो गया। हजारों लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए। गांव के समीप सरयू नदी के तट स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। स्वर्गीय रामगोविंद चौधरी के इकलौते पुत्र रंजीत चौधरी ने मुखाग्नि दी। मुखाग्नि के साथ ही वहां मौजूद लोगों की आंखें एक बार फिर नम हो गईं।
रामगोविंद चौधरी का निधन उनके परिवार के साथ उन हजारों लोगों के लिए भी गहरा आघात रहा, जिनसे उनका वर्षों का राजनीतिक और सामाजिक जुड़ाव रहा। अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब उनके प्रति लोगों के आत्मीय जुड़ाव की तस्वीर पेश कर रहा था।
राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम सलामी
स्वर्गीय रामगोविंद चौधरी की अंतिम विदाई में राजकीय सम्मान भी दिया गया। अंतिम संस्कार के दौरान उनके पैतृक निवास पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर सलामी दी गई। राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम सलामी के दौरान माहौल और भी गमगीन हो गया। मौजूद लोगों ने नम आंखों से अपने नेता को अंतिम विदाई दी।
रामगोविंद चौधरी के दरवाजे पर सुबह से श्रद्धांजलि देने वालों का तांता
रविवार की सुबह से ही स्वर्गीय रामगोविंद चौधरी के पैतृक आवास पर श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा रहा। सलेमपुर सांसद रमाशंकर राजभर विद्यार्थी, सांसद रामभुआल निषाद, जमनियां विधायक ओमप्रकाश सिंह, फेफना विधायक संग्राम यादव, समाजवादी युवजन सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद गिरि, समाजवादी पार्टी महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा राजभर बागी, सकलडीहा विधायक एवं स्वर्गीय रामगोविंद चौधरी के समधी प्रभु नारायण सिंह यादव, विधायक सिकंदरपुर मोहम्मद जियाउद्दीन रिजवी, पूर्व भाजपा विधायक संजय यादव, सपा जिलाध्यक्ष देवरिया व्यास जी यादव, स्नातक एमएलसी आशुतोष सिन्हा, सपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष पुनीता सिंह सोनी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष भुवनेश्वर चौधरी, भाजपा नेता संजीव वर्मा, सपा जिला प्रवक्ता सुशील पांडेय ‘कान्ह जी’, मिर्जापुर के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिवशंकर यादव, एमएलसी रविशंकर सिंह पप्पू, तेज सिंह, ममता सिंह, विकेश सिंह, सोनू सिंह, सदर के सपा नेता रामजी यादव, नवानगर के पूर्व ब्लॉक प्रमुख विवेक सिंह, नगर पंचायत सिकंदरपुर के प्रतिनिधि संजय जायसवाल समेत बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
अंतिम दर्शन के दौरान भावुक हुए नेता, छलके आंसू
अपने नेता का अंतिम दर्शन करने पहुंचीं समाजवादी पार्टी महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा राजभर बागी पार्थिव शरीर के सामने पहुंचते ही भावुक हो गईं। श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद वह फफक-फफक कर रो पड़ीं। वहां मौजूद महिलाओं ने उन्हें संभाला और सहारा दिया।
वहीं, सकलडीहा विधायक एवं स्वर्गीय रामगोविंद चौधरी के समधी प्रभु नारायण सिंह यादव भी अंतिम दर्शन के दौरान अपने आंसू नहीं रोक सके। दोनों नेताओं की भावुकता का यह दृश्य वहां मौजूद लोगों को भी द्रवित कर गया।
अंतिम दर्शन के दौरान छलके आंसू और उमड़ा जनसैलाब यह दर्शा रहा था कि स्वर्गीय रामगोविंद चौधरी ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में लोगों के बीच केवल राजनीतिक संबंध ही नहीं, बल्कि आत्मीय रिश्ते भी बनाए थे।
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