विचार गोष्ठी में सत्य, अहिंसा, स्वदेशी और सद्भाव के सिद्धांतों पर हुई चर्चा
गांधी के विचार आज भी विश्व के लिए प्रासंगिक: वक्ता
विचार गोष्ठी में सत्य, अहिंसा, स्वदेशी और सद्भाव के सिद्धांतों पर हुई चर्चा
सिकन्दरपुर (बलिया)। स्थानीय जूनियर हाईस्कूल के प्रांगण में गांधी जयंती के अवसर पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में वक्ताओं ने महात्मा गांधी के जीवन, उनके सत्य, अहिंसा, सद्भाव, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के विचारों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने कहा कि महात्मा गांधी ने समानता और धर्म से प्रेरणा लेकर सत्य, अहिंसा और सद्भाव को अपने जीवन का आधार बनाया। उन्होंने इन मूल्यों को केवल व्यक्तिगत जीवन तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें सामाजिक जीवन का हिस्सा बनाने का प्रयास किया। गांधी जी ने अहिंसा को केवल जीव हिंसा तक सीमित न रखकर इसे व्यापक अर्थ दिया। उनके अनुसार किसी भी आचरण से दूसरे व्यक्ति को कष्ट पहुंचाना भी हिंसा का स्वरूप है।
उन्होंने कहा कि गांधी जी की अवधारणा में “सत्य ही ईश्वर है।” इसी विश्वास के साथ उन्होंने जीवनभर सत्य के मार्ग का अनुसरण किया और समाज को भी सत्य के प्रति प्रेरित किया। अन्याय के विरुद्ध उन्होंने सत्याग्रह को हथियार बनाया और अहिंसक आंदोलन के माध्यम से ब्रिटिश शासन के सामने चुनौती खड़ी की।
राज्यसभा सदस्य नीरज शेखर ने कहा कि सनातन धर्म की जिन शिक्षाओं को अक्सर ग्रंथों और प्रवचनों तक सीमित माना जाता था, गांधी जी ने उन्हें अपने जीवन में उतारकर समाज को व्यवहार में अपनाने की प्रेरणा दी। उनके जीवन में सत्य, अहिंसा, त्याग और सेवा के सिद्धांत स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं।
पूर्व मंत्री नारद राय ने कहा कि गांधी जी ने स्वदेशी का नारा देकर देश को स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का संदेश दिया। चरखा उनके आंदोलन का महत्वपूर्ण प्रतीक बना और इसके माध्यम से उन्होंने देशवासियों को स्थानीय उत्पादन तथा आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित किया।
पूर्व मंत्री राजधारी सिंह ने आगंतुकों का स्वागत करते हुए युवा पीढ़ी से गांधी जी के विचारों को आत्मसात करने की अपील की। उन्होंने कहा कि गांधी जी के विचार आज भी समाज और पूरी दुनिया के लिए प्रासंगिक हैं। उनके बताए सत्य, अहिंसा और सद्भाव के मार्ग पर चलकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
गोष्ठी को भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा, पूर्व विधायक भगवान पाठक, मांधाता सिंह, प्रयाग चौहान, सुरेश सिंह, केशव चौधरी, सुनील वर्मा, जयराम पाण्डेय, रंजीत राम, मैनजर चौहान, हेमंत सिंह, बैजनाथ पाण्डेय, ओम प्रकाश पाठक, नसीम, मोहन लाल राय, सनने राय, विनोद गुप्त, अशोक सिंह, युवराज सिंह, आनंद चौहान सिंह, सर्वेश राय, मनोज सिंह, कमलेश्वर सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता हेमंत सिंह ने की, जबकि संचालन भोला सिंह ने किया। विचार गोष्ठी में बड़ी संख्या में गणमान्य लोग एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
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