डीएम सख्त: गर्भवती को निजी अस्पताल भेजने वाली आशा बहू की सेवा समाप्त
डीएम सख्त: गर्भवती को निजी अस्पताल भेजने वाली आशा बहू की सेवा समाप्त
डीएम की जनसुनवाई में खुला मामला, आशा बहू बर्खास्त; अल्ट्रासाउंड सेंटर और अस्पताल की जांच के आदेश
बलिया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित अपने कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान शिकायतकर्ताओं की समस्याएं सुनीं। इस दौरान एक गंभीर मामला सामने आया, जिसमें एक आशा बहू पर कमीशन के लालच में गर्भवती महिला को सरकारी अस्पताल के बजाय निजी अस्पताल ले जाकर ऑपरेशन कराने का आरोप लगा।
थाना हल्दी क्षेत्र के ग्राम रेपुरा निवासी मदन यादव पुत्र किशुन यादव ने जिलाधिकारी से शिकायत करते हुए बताया कि उनकी गर्भवती पुत्री कृति को गांव की आशा बहू बिंदु देवी पत्नी मोतीलाल गुप्ता 5 मार्च 2026 को हल्दी चट्टी स्थित सत्यम डायग्नोसिस सेंटर पर अल्ट्रासाउंड और खून की जांच कराने ले गई थी। जांच के बाद आशा बहू ने बताया कि बच्चा उल्टा है और गंदा पानी पी लिया है, इसलिए उसे बलिया अस्पताल दिखाना पड़ेगा। पीड़ित के अनुसार उनकी पत्नी इंदू देवी ने सरकारी एंबुलेंस बुलाकर अस्पताल जाने की बात कही, लेकिन आशा बहू ने जल्द बाजी का हवाला देते हुए निजी वाहन से शहर चलने को कहा। आरोप है कि वह गर्भवती महिला को सरकारी अस्पताल ले जाने के बजाय अस्पताल रोड स्थित खुशी हॉस्पिटल में भर्ती करा दी, जहां 5 हजार रुपये जमा कराकर ऑपरेशन से बच्चे का जन्म कराया गया। मदन यादव का आरोप है कि जब उन्हें इसकी जानकारी हुई और उन्होंने आशा बहू से सरकारी अस्पताल न ले जाने का कारण पूछा तो उसने अस्पताल में छुट्टी होने की बात कही। वहीं खुशी हॉस्पिटल द्वारा अब इलाज के नाम पर 20 हजार रुपये और मांगे जा रहे हैं, जबकि पीड़ित परिवार गरीब है और इतनी राशि देने में असमर्थ है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने कड़ी नाराजगी जताते हुए आशा बहू बिंदु देवी को तत्काल बुलाकर पूछताछ की। जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य चिकित्साधिकारी से कराई गई जांच में शिकायत सही पाई गई। इसके बाद जिलाधिकारी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आशा बहू बिंदु देवी की सेवा समाप्त करने के निर्देश सीएमओ को दिए। साथ ही सत्यम अल्ट्रासाउंड सेंटर की भी जांच कराने और रजिस्ट्रेशन न पाए जाने पर उसे सील करने के निर्देश दिए। खुशी हॉस्पिटल की भी जांच कर मानकों के अनुरूप न पाए जाने पर सील करने की कार्रवाई करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि गरीब मरीजों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही या शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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