बाढ़ के बीच बहदुरा पहुंचे विधायक रिजवी, राहत वितरण में पक्षपात के आरोप पर प्रशासन को घेरा
महिलाओं ने लेखपाल पर लगाया भेदभाव का आरोप, विधायक बोले—2-3 दिन में राहत नहीं मिली तो तहसील घेराव के साथ आमरण अनशन
सिकन्दरपुर (बलिया)। घाघरा नदी के उफान से विधानसभा सिकन्दरपुर क्षेत्र के तटवर्ती दर्जनों गांवों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। इसी बीच रविवार को सपा विधायक मोहम्मद जियाउद्दीन रिजवी ने बहदुरा गांव पहुंचकर बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान राहत सामग्री के वितरण में कथित पक्षपात को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली।
गांव की महिलाओं ने विधायक के सामने शिकायत रखते हुए लेखपाल संजय राम पर राहत सामग्री वितरण में भेदभाव किए जाने का आरोप लगाया। ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद विधायक ने मौके से ही एसडीएम सिकन्दरपुर प्रवीण यादव से फोन पर वार्ता की और बाढ़ प्रभावित परिवारों तक तत्काल राहत सामग्री पहुंचाने की मांग की।
एसडीएम से बातचीत के बाद विधायक ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि दो से तीन दिनों के भीतर राहत सामग्री का वितरण कराया जाएगा।
राहत नहीं मिली तो गुरुवार को तहसील घेराव और आमरण अनशन की चेतावनी
विधायक मोहम्मद जियाउद्दीन रिजवी ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि दो से तीन दिनों के भीतर प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री नहीं मिली तो गुरुवार को तहसील का घेराव किया जाएगा और वह आमरण अनशन शुरू करेंगे।
उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति में प्रभावित परिवारों को भोजन, पीने के पानी, दवा और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए परेशान नहीं होना चाहिए। प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ काम करते हुए प्रत्येक जरूरतमंद परिवार तक राहत पहुंचानी चाहिए।
क्षतिग्रस्त मार्गों पर राबिस और बोल्डर डालने का काम शुरू
बाढ़ के चलते बहदुरा गांव के कई संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ग्रामीणों की आवागमन संबंधी परेशानी को देखते हुए विधायक के निर्देश पर टूटे-फूटे मार्गों पर राबिस और बोल्डर डालने का कार्य शुरू कराया गया। इससे ग्रामीणों को आवागमन में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
बोले—बाढ़ प्रभावितों की मदद में नहीं छोड़ूंगा कोई कोर-कसर
विधायक रिजवी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों की समस्याओं को लेकर वह गंभीर हैं। राहत और बचाव कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सहायता पहुंचाने के लिए वह प्रशासन से लगातार संपर्क में रहेंगे और जरूरत पड़ी तो जनता की आवाज को सड़क से सदन तक उठाएंगे।
उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
राहत वितरण की व्यवस्था पर उठे सवाल
बहदुरा में ग्रामीण महिलाओं द्वारा लगाए गए पक्षपात के आरोपों ने राहत वितरण की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित लेखपाल का पक्ष सामने आना बाकी है। ऐसे में अब प्रशासन के सामने चुनौती है कि शिकायतों की जांच कर सभी पात्र बाढ़ प्रभावित परिवारों तक बिना किसी भेदभाव के समयबद्ध तरीके से राहत सामग्री पहुंचाई जाए।
विधायक के दौरे के दौरान मुख्य रूप से शिवजी त्यागी, अनंत मिश्रा, गुरुज लाल राजभर, भीष्म यादव, देवनारायण यादव, सीपी यादव, हृदय नारायण यादव, बृजेश यादव, अतुलेश यादव एवं कृष्ण कुमार यादव उर्फ बुड्ढा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
घाघरा के उफान के बीच अब ग्रामीणों की निगाह प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है। राहत वितरण में पारदर्शिता और समयबद्ध सहायता ही तय करेगी कि बाढ़ की मार झेल रहे परिवारों तक सरकारी राहत कितनी तेजी से पहुंचती है।
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